NFR: एनएफआर ने अपने नवनिर्मित सायरंग रेलवे स्टेशन पर पहली बार रेल द्वारा कारें पहुंचाईं
एनएफआर ने अपने नवनिर्मित सायरंग रेलवे स्टेशन पर पहली बार रेल द्वारा कारें पहुंचाईं
मिजोरम राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिल रही मजबूती

DD TIMES मालीगांव, 15 दिसंबर, 2025: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने मिजोरम के सायरंग रेलवे स्टेशन पर पहली बार सीधे ऑटोमोबाइल रेक को सफलतापूर्वक हैंडल कर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गुवाहाटी के पास चांगसारी से लाई गईं कुल 119 मारुति कारों को रेलमार्ग से पहुंचाया गया, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। एनएफआर के इस महत्वपूर्ण कार्य से मिजोरम राज्य में सामान और वाहनों के परिवहन की उपलब्धता बढ़ेगी, लंबी दूरी के सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी और ऑटोमोबाइल डीलरों, सेवा प्रदाताओं तथा ग्राहकों को सीधा लाभ होगा, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सहयोग मिलेगा।
गाड़ियों का सफल परिवहन, 51.38 कि.मी. लंबे बइरबी-सायरंग नई रेल लाइन के रणनीतिक महत्व को दिखाता है, जो एनएफआर के क्षेत्राधिकार में दुर्गम इलाकों और 45 सुरंगों से होकर बनाई गई एक चुनौतीपूर्ण इंजीनयरी उपलब्धि है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 13 सितंबर 2025 को इस रेल लाइन का उद्घाटन किया था, जिससे मिजोरम पूरी तरह से राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। इसके बाद से एनएफआर ने मज़बूत यात्री सेवाएं भी सुनिश्चित की हैं, जिसमें राजधानी एक्सप्रेस, मिजोरम एक्सप्रेस और सायरंग-कोलकाता एक्सप्रेस में काफी हाई ऑक्यूपेंशी हैं। यह इस रेलवे ज़ोन द्वारा प्रदान की गई रेल कनेक्टिविटी के प्रति जनता के विश्वास को प्रदर्शित करती है।
एनएफआर ने बइरबी-सायरंग सेक्शन पर फ्रेट और पार्सल संचालनों का भी तेजी से विस्तार किया है, जिसमें सीमेंट, निर्माण सामग्रियाँ, ऑटोमोबाइल, रेत, स्टोन चिप्स जैसी ज़रूरी सामग्रियों का परिवहन किया जा रहा है। 14 सितंबर 2025 को पहला माल परिवहन असम से आइजोल तक किया गया, जिसमें 21 सीमेंट वैगन ले जाए गए। इसके अलावा, 19 सितंबर 2025 को एंथुरियम के फूलों को दिल्ली ले जाने सहित पहली पार्सल सेवाओं ने स्थानीय उत्पादकों के लिए नए बाज़ार के रास्ते खोल दिए हैं। सितंबर और दिसंबर 2025 के बीच 17 रेक का हैंडल कर, एनएफआर मिजोरम को एक भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी हब में बदलने में अहम भूमिका निभा रहा है, जो समावेशी विकास और क्षेत्रीय एकीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

