RAILWAY: रेल मंत्री ने बइरबी-सायरंग और अररिया–गलगलिया नई रेल लाइन परियोजनाओं में शामिल टीमों को सम्मानित किया
रेल मंत्री ने बइरबी-सायरंग और अररिया–गलगलिया नई रेल लाइन परियोजनाओं में शामिल टीमों को सम्मानित किया

DD TIMES मालीगांव, 30 अक्टूबर, 2025: माननीय रेल मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव ने 29 अक्टूबर 2025 को रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में बइरबी-सायरंग और अररिया–गलगलिया नई रेल लाइन परियोजनाओं के सफल समापन में शामिल रेलवे टीमों को सम्मानित किया।
इस कार्यक्रम की शोभा श्री सतीश कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री अरुण कुमार चौधरी, महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण); श्री अंजनी कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण), श्री हितेंद्र गोयल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) तथा दोनों ऐतिहासिक परियोजनाओं से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और टीम सदस्यों ने बढ़ाई।
बइरबी-सायरंग नई लाइन रेलवे परियोजना, पूर्वोत्तर के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर, मिजोरम की राजधानी आइजॉल को पहली बार रेल संपर्क प्रदान करती है, जिससे राज्य को भारत के राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में एकीकृत किया गया है। इस परियोजना का उद्घाटन भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 13 सितंबर 2025 को आइजोल, मिजोरम में किया गया।
51.38 किलोमीटर तक फैली हुई यह परियोजना उल्लेखनीय इंजीनियरिंग का प्रदर्शन करती है, जिसमें 45 सुरंगें, 143 पुल (जिनमें से एक कुतुब मीनार से भी ऊंचा है) और हरतकी, कानपुई, मुअलखांग तथा सायरंग में चार नए स्टेशन शामिल हैं।
क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भूभाग और प्रतिकूल मौसम के बावजूद, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) टीम ने इस जटिल परियोजना को सफलतापूर्वक निष्पादित किया, जिससे मिजोरम और व्यापक पूर्वोत्तर में व्यापार, पर्यटन तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को बहुत बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उसी प्रकार, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अंतर्गत 110.75 किलोमीटर तक फैली अररिया – गलगलिया ब्रॉड गेज लाइन परियोजना, रेल संरक्षा आयुक्त श्री सुमीत सिंघल द्वारा 9 से 11 जुलाई 2025 तक किए गए वैधानिक निरीक्षण के बाद पूर्ण रूप से पूरा हो गई है।
15 सितंबर 2025 को, भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अररिया – गलगलिया (ठाकुरगंज) नई रेल लाइन खंड में ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो परियोजना के परिचालन में एक प्रमुख मील का पत्थर है।
अब सभी खंडों, जिसमें रहमतपुर – पावाखाली खंड शामिल है, को चालू कर दिया गया है, इस लाइन में 64 बड़े पुल, 264 छेटे पुल और 15 स्टेशन हैं। इसे 100 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेन संचालन के लिए अधिकृत किया गया है, जो बिहार और आसपास के क्षेत्रों में संपर्क को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने का उम्मीद है।
माननीय मंत्री द्वारा प्रस्तुत पुरस्कार उन रेलवे अधिकारियों और इंजीनियरों के असाधारण समर्पण, नवाचार तथा टीमवर्क को मान्यता देते हैं जिन्होंने इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को संभव बनाया।
बइरबी-सायरंग तथा अररिया–गलगलिया दोनों परियोजनाएं भारतीय रेलवे की रेल नेटवर्क का विस्तार करने, दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से समावेशी विकास को प्रेरित करने की प्रतिबद्धता के चमकदार उदाहरण के रूप में खड़ी हैं।

