NFR: रंगिया और लामडिंग मंडलों में रेल बुनियादी संरचना के प्रगति की हुई समीक्षा
सांसदों के साथ एनएफआर की समीक्षा बैठक
रंगिया और लामडिंग मंडलों में रेल बुनियादी संरचना के प्रगति की हुई समीक्षा
DD TIMES मालीगांव, 14 अक्टूबर, 2025: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के महाप्रबंधक श्री चेतन कुमार श्रीवास्तव ने 14 अक्टूबर, 2025 को गुवाहाटी में उन सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिनका संसदीय क्षेत्र रंगिया और लामडिंग रेल मंडल से संबंधित हैं।

बैठक में कुल 11 सांसदों में असम से राज्यसभा के माननीय सांसद श्री भुबनेश्वर कलिता; लोकसभा के माननीय सांसदों में श्री कामाख्या प्रसाद तासा (काजीरंगा), श्री कृपानाथ मल्लाह (करीमगंज), श्री फणी भूषण चौधरी (बरपेटा), श्री रंजीत दत्ता (शोणितपुर), श्री परिमल शुक्ला बैद्य (सिलचर), श्री एस. सुपोंगमेरेन जमीर (नागालैंड), श्री अमरसिंग टिस्सो (दीफू), श्री अल्फ्रेड कनंगम एस. आर्थर (बाहरी मणिपुर), श्रीमती बिजुली कलिता मेधी (गुवाहाटी) और श्री सालेंग ए. संगमा (तुरा) मौजूद थें।

रंगिया के मंडल रेल प्रबंधक श्री अनंत सदाशिव और लामडिंग के मंडल रेल प्रबंधक श्री समीर लोहानी के साथ-साथ एन.एफ. रेलवे मुख्यालय के वरिष्ठ रेल अधिकारी भी उपस्थित थे। इस बैठक का समन्वयन उप महाप्रबंधक (जी)/एनएफआर श्री अनुराग अग्रवाल ने किया। बैठक का उद्देश्य सांसदों को एन.एफ. रेलवे द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से अवगत कराना और बेहतर सेवा प्रदान के लिए जनप्रतिनिधियों से रचनात्मक सुझाव एवं प्रतिक्रिया प्राप्त करना था।
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सभी माननीय सांसदों का स्वागत करते हुए, एन.एफ. रेलवे के महाप्रबंधक ने क्षेत्र की उपलब्धियों और चल रहे विभिन्न परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एन.एफ. रेलवे में 7,362 ट्रैक किलोमीटर (टीकेएम) का कुल रेलवे नेटवर्क है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में इस नेटवर्क का और विस्तार करने के लिए कई नई लाइन परियोजनाएं निष्पादित की जा रही हैं।
महाप्रबंधक ने आगे बताया कि एन.एफ. रेलवे ने 100% रेलवे बिजलीकरण प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। 90% से अधिक नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है और डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस तथा नाहरलगुन – नई दिल्ली एक्सप्रेस जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनें अब एंड-टू-एंड इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चल रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि न्यू बंगाईगांव-आगियाठरी, न्यू बंगाईगांव-आजरा और गुवाहाटी-लामडिंग जैसे प्रमुख सेक्शनों पर दोहरी लाइन का काम पूरा हो चुका है, जबकि न्यू तिनसुकिया तक दोहरीकरण को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा, मौजूदा सराईघाट पुल के पास ब्रह्मपुत्र नद पर एक नया पुल और कामाख्या एवं गुवाहाटी के बीच तिहरी लाइन के निर्माण को मंजूरी मिल गई है।
महाप्रबंधक ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एन.एफ. रेलवे देश के सबसे जटिल रेल नेटवर्कों में से एक का संचालन करता है। यहां का रेल नेटवर्क चुनौतीपूर्ण पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिसमें भारतीय रेल प्रणाली में सर्वाधिक सुरंगें, पुल और सबसे लंबा एलिफेंट कॉरिडोर हैं। हाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि मिज़ोरम की राजधानी आइज़ोल पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ी और नागालैंड के मॉलवॉम से मालगाड़ियों का परिचालन शुरू हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि एन.एफ. रेलवे बुनियादी संरचना की संरक्षा, यात्री सुविधा और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक एआई-आधारित तकनीकों को भी अपना रहा है। उन्होंने आगे बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पूर्वोत्तर के 60 स्टेशनों सहित पूरे पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के 92 स्टेशनों पर स्टेशन अपग्रेडेशन का कार्य प्रगति पर है। उल्लेखनीय है कि असम का हयबरगाँव स्टेशन पूर्वोत्तर का पहला अमृत स्टेशन है, जिसका उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री ने किया था।
माननीय सांसदों ने एन.एफ. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक सार्थक संवाद सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया। सांसदों ने रेल कनेक्टिविटी के विस्तार और सुधार, स्टेशनों के अपग्रेडेशन और विरासत रेल संपत्तियों के संरक्षण के संबंध में बहुमूल्य सुझाव दिए।
सांसदों ने बैठक आयोजित करने के लिए एन.एफ. रेलवे के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। महाप्रबंधक ने सुझावों को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया कि उसे यथासंभव लागू किया जाएगा।

