SIKKIM: सिक्किम के माननीय राज्यपाल ने सेवक-रंगपो रेल लाइन परियोजना के प्रगति की समीक्षा की
सिक्किम के माननीय राज्यपाल ने सेवक-रंगपो रेल लाइन परियोजना के प्रगति की समीक्षा की
DD TIMES मालीगांव, 13 अक्टूबर, 2025: सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने पाक्योंग जिला अंतर्गत खनिखोला, रंगपो में सेवक-रंगपो रेल लाइन परियोजना का निरीक्षण किया और रणनीतिक रूप से इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा के कार्यों के प्रगति की समीक्षा की।

उनके साथ माननीय लोकसभा सांसद डॉ. इंद्र हांग सुब्बा, पाक्योंग के जिला अधिकारी श्री रोहन अंगवाडे और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।

इस दौरान, माननीय राज्यपाल ने परियोजना की स्थिति का आकलन करने और इसके प्रमुख विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की।

परियोजना की प्रगति पर एक विस्तृत प्रस्तुति एनएफआर के महाप्रबंधक (निर्माण) श्री अरुण कुमार चौधरी और इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री हरि मोहन गुप्ता द्वारा दी गई।

अधिकारियों ने माननीय राज्यपाल को अब तक की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी, जिसमें 14 सुरंगों और 23 पुलों जैसे प्रमुख घटकों का निर्माण कार्य लगभग पूरा होना शामिल है, साथ ही कार्य की गति को प्रभावित करने वाली विभिन्न चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
अपने संबोधन में, माननीय राज्यपाल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सेवक-रंगपो रेल परियोजना राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने और औद्योगिक विकास एवं रोज़गार के अवसरों को बढ़ावा देने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।
उन्होंने एनएफआर, इरकॉन और सभी परियोजना कर्मियों के समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की और उनसे गुणवत्ता, सुरक्षा और समय पर कार्यान्वयन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आग्रह किया।
इस परियोजना को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर में बेहतर कनेक्टिविटी के विजन का प्रतिबिंब बताते हुए, माननीय राज्यपाल ने कहा कि सेवक-रंगपो रेल लाइन 45 किलोमीटर लंबी है, जिसमें 41.5 किलोमीटर हिस्सा पश्चिम बंगाल और 3.5 किलोमीटर हिस्सा सिक्किम में है। इस हिमालयी राज्य को पहली बार यह परियोजना राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
यह परियोजना निर्धारित समय पर पूर्ण होने का विश्वास व्यक्त करते हुए, उन्होंने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना को साकार करने में शामिल सभी एजेंसियों को अपना पूर्ण सहयोग करने पर जोर दिया।

